100+ Best Dard Bhari Shayari | सबसे दर्द भरी शायरी

नमस्ते दोस्तों आज के पेज मै हम आप के लिए Dard Bhari Shayari लेकर आये है। दोस्तों आप रुलादेने वाली दर्द भारी शायरी ढूंढ़ रहे है। तो आप सही जगाह पर आये है यहाँ आपको Dard Bhari Shayari 2 Line मे मिल जाएगी। आप किसी दर्द मे है और आप किसी की याद में दर्द भरी शायरी पढ़ना चाहते है तो भी मिल जाएगी।

दर्द वो अपने अंदर होता है जिसे हम बाहर नहीं दिखाते मगर यह शायरिया पढकर आपका सारा दर्द बाहर आ जायेगा और आप अपना दर्द किसी को बता पाएगे। यह पेज की शायरिया सबसे अच्छी और दर्द भरी है। आपको इन मे से कोई भी दर्द भरी शायरी अच्छी लगे तो आप कॉपी कर सकते है। अगर आपको यह पेज अच्छा लगे तो आप अपने दोस्तों को जरूर भेजे।

Dard Bhari Shayari

खुद पर रख यकीन, मंज़िल दूर नहीं,
तेरी हिम्मत के आगे कुछ भी नामंज़ूर नहीं।

जिनके सपनों में जान होती है,
उनकी राहों में ही पहचान होती है।

हाथ ख़ाली हैं तिरे शहर से जाते जाते,
जान होती तो मिरी जान लुटाते जात।

मंज़िल मिले या ना मिले ये मुकद्दर की बात है,
मगर कोशिश भी ना करें, ये गलत बात है।

प्यार करके गलती कर दी गालिब,
प्यार के शब्द से भी अब डर लगता है।

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया,
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया।

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो,
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है।

तू चाहेगी मुझे मेरी तरह और,
जब कोई छोड़ देगा तुझे तेरी तरह।

मोहब्बत इतनी थी कि उनको बताई ना गयी,
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई ना गयी।

मैं जो हूँ मुझे रहने दे हवा के जैसे बहने दे,
तन्हा सा मुसाफिर हूँ मुझे तन्हा ही तू रहने दे।

सबसे दर्द भरी शायरी

दुआ करना दम भी उसी तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।

तकलीफ ये नहीं कि तुम्हें अज़ीज़ कोई और है,
दर्द तब हुआ जब हम नजरंदाज किए गए।

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफ़ा मैंने तुझको भुलाया नही अभी।

अब शिकवा करें भी तो करें किससे, क्योंकि ये दर्द भी मेरा,
और दर्द देने बाला भी मेरा।

तुम क्या जानो मैं खुद से शर्मिंदा हूं,
छूट गया है साथ तुम्हारा, फिर भी जिंदा हु।

नसीहत अच्छी देती है दुनिया,
अगर दर्द किसी ग़ैर का हो।

जरूरत से ज्यादा सोचना,
खुशी छीन लेता है।

खामोशियाँ कर देतीं बयान तो अलग बात है,
कुछ दर्द हैं जो लफ़्ज़ों में उतारे नहीं जाते।

अब आता नहीं मैं किसी के बहकावे में,
एक लड़की मुझे इतना समझदार कर गई।

मान लेता हूँ तेरे वादे को,
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही।

Dard Bhari 2 Line

दिखावे के लिए हमसे वफादारी ना की जाए,
मोहब्बत है तो है वरना अदाकारी ना की जाए।

चलो ना साथ चलते हैं समंदर के किनारे,
किनारे पर ही देखेंगे किनारा कौन करता है।

दिखावे के लिए हमसे वफादारी ना की जाए,
मोहब्बत है तो है वरना अदा।

जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए,
तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया।

आज तो दिल के दर्द पर हँस कर,
दर्द का दिल दुखा दिया मैं ने।

हर दर्द को जरूर चाहिए दोस्त की,
कुं के दोस्त हे जो दर्द में हम_दर्द होता हे।

जिंदगी उन्ही की रंगीन है,
जो रंग बदलना जानते है।

ऐ ज़िन्दगी तुझे भी शिकायतें बहुत है,
संभल जा वरना तुझे भी छोड़ देंगे

जो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से,
वो क्या अफसोस करता होगा मेरे ना होने से।

ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझ को आदत है मुस्कुराने की।

किसी की याद में दर्द भरी शायरी

मत किया कर किसी पर भी भरोषा ऐ दिल,
लोग खंज़र लिए फिरते इन फूल से हाथो मे।

ये तो सच है ये ज़िन्दगा ने उसी को रुलाती है,
जिसके आँसू पोछने बाला कोई नही होता है।

क्यूँ नहीं महसूस होती, उसे मेरी तकलीफ,
जो कहते थे, बहुत अच्छे से जानते है तुझे।

ए दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है,
यहाँ ऐसा ही होता है।

तन्हा सफर में अकेले चलते जा रहा हूं
तेरी यादों के सहारे जिए जा रहा हूं।

अश्क आँखो से नहीं दिल से बहाया हमने
दर्द टूटे हुए दिल का मै सुनाऊँ कैसे।

हमने तेरे बाद न रखी किसी से मोहब्बत की आस,
एक शख्स ही बहुत था जो सब कुछ सिखा गया।

दुआ करो जो जिसे मोहब्बत करे वो उसे मिल जाये,
क्योंकि बहुत रुलाती है ये अधूरी मोहब्बत।

एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का,
एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता।

कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला,
शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला।

दिल टूट सबसे दर्द भरी शायरी

तेरे बाद हमारा हम दर्द कौन बनेगा,
हमने तो सब छोड़ दिया तुझे पाने की।

स्कूल का वो बस्ता, मुझे फिर से थमा दे “माँ”,
ये जिंदगी का सफ़र मुझे बहुत मुश्किल लगता हैं।

अगर पता होता कि इतना तड़पाती है मोहब्बत तो,
दिल जोड़ने से पहले हाथ जोड़ लेते।

मैं राजी हूं तेरे हर फैसले से खुदा
मगर मेरा दिल तरसा है उसे पाने के लिए।

चेहरे पर मुस्कान है पर दिल से नहीं
जी तो रहे हैं लेकिन सुकून से नहीं।

रूठी रूठी जिंदगी रूठे रूठे लोग
जिंदगी में मिले मुझको बस मतलबी लोग।

हे खुदा उम्र चाहे मेरी कम लिखना पर,
जितनी लिखना उसके साथ लिखना।

क्यों शर्मिंदा करते हो रोज़ हाल पूंछ कर,
हाल वही है जो तुमने मेरा बना रखा है।

माँगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में,
पर चाहने वालो ने तो आग ही लगा दी।

सिमट गया मेरा प्यार भी चंद अल्फाजों में,
जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं।

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